संचालक (Principal)
नमस्कार, मेरा नाम कमलेंद्र कुमार सिंह है। भुवालपुर किला, कटरा मेदनीगंज, प्रतापगढ़ मेरा निवास स्थान है। व्यवसायिक तौर पर मै एक बिजनेसमैन हूं। मेरे जीवन में शिक्षा को लेकर काफी कठिनाइयां उत्पन्न हुई, बहुत संघर्ष करना पड़ा, जैसे-तैसे करके मैंने अपनी शिक्षा पूरी की। अपने कठिन परिश्रम, कार्य के प्रति मेरी निष्ठा एवं ईमानदारी के कारण मैं जीवन में सफल हो सका। जीवन के उतार-चढ़ाव, खट्टे-मीठे अनुभवों के बाद मुझे इस बात का एहसास हुआ कि अगर मेरी शिक्षा और बेहतर हुई होती तो शायद जीवन में सफलता के साथ-साथ मैं एक बेहतर नागरिक, एक अच्छा इंसान और समाज के लिए कुछ और कर सकने में समर्थ हो पाता। विचारों के इसी उधेड़बुन में पिताजी की एक बात याद आई कि सफलता का मतलब मात्र अपने लिए भौतिक संसाधन इकट्ठे कर लेना नहीं होता बल्कि अपने आसपास के समाज और उसके लोगों के लिए उनके भविष्य को उन्नत बनाने का उत्तरदायित्व भी हमारा ही होता है। पिताजी की इस बात ने मेरी मानसिकता को सकारात्मकता की ओर दिशा दी और मैंने प्रण लिया कि जो संघर्ष मेरे शैक्षिक काल के दौरान उत्पन्न हुआ था मेरा यह प्रयास रहेगा कि मेरे संज्ञान में ऐसी कोई कठिनाई किसी और के जीवन में न आये। इस विचार को आकार तब मिला जब शिक्षा के विचारों के प्रति समर्पित दीपमाला जी से मेरा परिचय हुआ। कहते हैं जब एक विचार पर दो लोग सहमत हो तो उसे अस्तित्व में आना ही होता है। हम लोगों का लक्ष्य था कि प्रतापगढ़ में उस जगह विद्यालय का निर्माण किया जाए जहां पर शिक्षा के संसाधनों का अभाव हो। काफी निरीक्षण करने के बाद रानीगंज तहसील के अंतर्गत आने वाले कहला, बर्रा में हमें यह जगह उपलब्ध हुई। लोगों का प्रयास और ईश्वर की इच्छा से यह विद्यालय अपने स्वरुप में प्रकट हुआ। हम लोगों का प्रयास यही रहेगा कि आसपास जितने भी गांव हैं, उन गांवों में जितने परिवार हैं उन सभी के बच्चे अच्छी शिक्षा प्राप्त करने के लिए इस विद्यालय के साथ जुड़ें। कोई भी व्यक्ति आदर्श नहीं होता त्रुटियां सभी में होती हैं परंतु आप लोगों के परामर्श एवं सहयोग से मुझे इस बात की आशा है कि हम आने वाली पीढ़ी का भविष्य सुखमय और उज्जवल बनाएंगे ताकि बड़े होकर वह सिर्फ अपने लिए न जियें बल्कि अपने परिवार, समाज और देश के विकास में अपना सहयोग दें।